नंदकट्ठी। समीपस्थ ग्राम कोड़िया स्थित प्रसिद्ध श्री भुईफोड़ शिवधाम में सावन माह के दौरान इन दिनों आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। श्रावण मास के अंतिम सोमवार 24 अगस्त को मंदिर में दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
घुरवा से प्रकट हुआ शिवलिंग, आज बना आस्था का प्रमुख केंद्र
ग्रामीणों के अनुसार, कोड़िया स्थित भुईफोड़ शिवधाम का स्वयंभू शिवलिंग घुरवा से प्रकट हुआ था। बताया जाता है कि शिवलिंग प्रारंभ में नारियल के आकार का था, जो समय के साथ बढ़ता गया। इसी मान्यता और आस्था के चलते यह स्थान धीरे-धीरे क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल हो गया है।
सावन माह में यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन एवं पूजन के लिए पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में सुबह से ही 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयघोष गूंजते रहे।
अंतिम सोमवार को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
श्रावण मास के अंतिम सोमवार को भुईफोड़ शिवधाम में विशेष धार्मिक माहौल देखने को मिला। समस्त ग्रामवासियों, दानदाताओं एवं दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। मंदिर प्रबंधन एवं ग्रामीणों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए पूजा-अर्चना सहित आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं।
श्रद्धालुओं का कहना है कि भुईफोड़ शिवधाम में भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक करने से मन को शांति मिलती है। यही वजह है कि सावन के पवित्र महीने में यहां भक्तों की संख्या लगातार बढ़ती है।
आस्था और परंपरा का अनूठा संगम
कोड़िया का भुईफोड़ शिवधाम न सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि ग्रामीणों की वर्षों पुरानी श्रद्धा और परंपरा से भी जुड़ा हुआ है। सावन के दौरान यहां का वातावरण पूरी तरह शिवमय हो जाता है और अंतिम सोमवार को श्रद्धालुओं की भीड़ ने इसे और भव्य बना दिया।
हर-हर महादेव के जयघोष के साथ भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।



