बोड़ेगांव/अहिवारा । विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर ग्राम बोड़ेगांव, ब्लॉक अहिवारा में ध्रुव गोंड समाज के तत्वावधान में प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण को लेकर अनूठी पहल की गई। समाजजनों ने “एक पेड़ गोड़ियनों ने पुरखा के नाम” अभियान के तहत अपने पुरखों की स्मृति में वृक्षारोपण किया और गोंडी विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर लगाए गए पौधों की सुरक्षा एवं संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में प्रकृति एवं पर्यावरण के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना और नई पीढ़ी को अपनी परंपरा एवं प्रकृति से जोड़ना रहा। कार्यक्रम में समाज प्रमुख ए.आर. ध्रुव, समाजसेवी राकेश ठाकुर, अंत्यव्यवसायी विभाग के अधिकारी श्यामल दास, सरपंच श्रीमती पप्पी भूपेंद्र टंडन एवं समाज सेविका श्रीमती अन्नापूर्णेश्वरी ठाकुर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
समाज को संगठित और जागरूक होने की जरूरत
समाज प्रमुख ए.आर. ध्रुव ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को संगठित और जागरूक होने की आवश्यकता है। इसके लिए सभी लोगों को जमीनी स्तर पर कार्य करना होगा। सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ही समाज को विकास और उत्थान की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है।
“ पुरखों के संस्कारों ने समाज को प्रकृति से जोड़े रखा ”

समाजसेवी राकेश ठाकुर ने कहा कि “पुण्य प्रतापी
पुरखों से मिले संस्कार ही समाज को प्रकृति से जोड़कर रखते हैं, फलस्वरूप समाज प्रकृति को पूजता है।उन्होंने कहा कि “एक पेड़ गोड़ियनों ने पुरखा के नाम” अभियान के तहत समाज ने पौधे लगाने के साथ उनकी सुरक्षा के लिए सामूहिक रूप से संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि जब समाज के लोग प्रतिदिन जल तर्पण करेंगे, तो उन्हें अपने पुरखों के साथ प्रकृति का भी स्मरण होगा और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का एहसास होगा।
राकेश ठाकुर ने कहा कि बच्चों को अपनी जड़ों, संस्कृति और प्रकृति से जोड़कर रखना आज की जरूरत है। इस तरह के सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आदिवासी युवाओं को योजनाओं से जोड़ने पर जोर
अंत्यव्यवसायी विभाग के अधिकारी श्यामल दास ने कहा कि केंद्र और राज्य शासन द्वारा आदिवासी युवाओं को कौशल विकास एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने युवाओं से इन योजनाओं का लाभ लेने और समाज को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए चलाए जा रहे अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
गोंडी विधि से पूजा के बाद किया गया पौधरोपण

वृक्षारोपण कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष राम चरण ऊईके, किसान सैनिक कंगला मांझी एवं पुजारी धनीराम छेदैया ने गोंडी पद्धति से पूजा-अर्चना कर वृक्षों के धार्मिक एवं सामाजिक महत्व की जानकारी दी। इसके बाद अतिथियों एवं समाजजनों ने सरई, साजा और आंवला सहित विभिन्न पौधों का रोपण किया।
कर्मा-सुआ नृत्य के साथ निकली जागरूकता रैली
कार्यक्रम के दौरान प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण को लेकर बोड़ेगांव में जागरूकता रैली भी निकाली गई। पारंपरिक आदिवासी परिधान में समाज के लोगों ने कर्मा और सुआ नृत्य की प्रस्तुति देते हुए ग्रामीणों को प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। समाज की इस पहल की ग्रामीणों एवं सर्व समाज के लोगों ने सराहना की और कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए अपना समर्थन दिया।
कार्यक्रम का संचालन राम कुमार ठाकुर ने किया तथा आभार श्रीमती ज्ञानेश्वरी ठाकुर ने व्यक्त किया।
कार्यक्रम में मदन मरकाम, भगत मरकाम, कृष्णा मरकाम, धंसाय नेताम, रवि कुमार नेताम, ओम प्रकाश ठाकुर, कल्याण ठाकुर, महेंद्र ठाकुर, रामकुमार ठाकुर, भागवत नेताम, पंचम ठाकुर, अरविंद नेताम, तोप सिंह, विजय, जेठू राम ठाकुर, दौवा राम ठाकुर, कल्लू ठाकुर, जगदीश ठाकुर, कल्याण सिंह, बुधराम हिमांचल, चोवाराम, दशरथ ठाकुर, अग्नाराम, किरण ठाकुर, अमेरिका, रोशनी, सुनीता, रामकली, रेखा, देवकीसोहन, सुग्रीव, रामानंद, गुलाब सिंह, संतोष सहित बड़ी संख्या में समाजजन एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।



